परिचय अचानक आने वाला मेडिकल खर्च नौकरी जाना गाड़ी का खराब होना etc.ज़िंदगी में ऐसी स्थितियां कभी भी आ सकती हैं। जिनके पास इमरजेंसी फंड होता है वो इन झटकों को संभाल लेते हैं। जिनके पास नहीं होता उन्हें अक्सर क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन का सहारा लेना पड़ता है जिससे आगे कर्ज़ का बोझ बढ़ जाता है। समस्या यह है कि 6 महीने का इमरजेंसी फंड बनाओ सुनकर ही ज्यादातर लोग हिम्मत खो बैठते हैं। यह लक्ष्य बहुत बड़ा और दूर लगता है इसलिए शुरुआत ही नहीं हो पाती। यहीं पर 1-3-6 मेथड काम आता है। यह एक सीधा-सादा तरीका है जो बड़े लक्ष्य को तीन छोटे मैनेज करने लायक पड़ावों में बांट देता है पहले 1 महीने का खर्च फिर 3 महीने का और अंत में 6 महीने का। इस आर्टिकल में हम इस मेथड को विस्तार से समझेंगे ताकि आप अपनी रफ्तार से बिना दबाव के एक मजबूत फाइनेंशियल कुशन बना सकें। ध्यान दें: यह आर्टिकल एक सामान्य बचत रणनीति (फाइनेंशियल कॉन्सेप्ट) पर आधारित है किसी सरकारी स्कीम या बैंक प्रोडक्ट पर नहीं। इसमें बताए गए तरीके सामान्य मार्गदर्शन के लिए हैं — अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड ...
"Investurn - Smart investing, simple language mein. Stock market, mutual funds, personal finance, govt schemes aur money management tips jo har koi samajh sake."