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पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम 2026: हर महीने कितनी आय मिलेगी?

अगर आप ऐसी जगह पैसा लगाना चाहते हैं जहाँ जोखिम बिल्कुल न हो और हर महीने हाथ में एक तय रकम आती रहे तो Post Office Monthly Income Scheme (POMIS) इस काम के लिए भारत की सबसे पुरानी और भरोसेमंद योजनाओं में से एक है। रिटायर हो चुके लोग, गृहणियां और वे लोग जो शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं अक्सर इसी स्कीम की तरफ रुख करते हैं। 2026 में जब बैंक FD की ब्याज दरें घट-बढ़ रही हैं तब यह जानना ज़रूरी हो जाता है कि पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम अभी कितना रिटर्न दे रही है कौन इसमें निवेश कर सकता है और खाता खुलवाने का सही तरीका क्या है। इस लेख में हम इन सभी सवालों को आसान भाषा में समझेंगे। विषय-सूची POMIS क्या है? जुलाई-सितंबर 2026 की ब्याज दर मुख्य विशेषताएं और फायदे पात्रता (Eligibility) ज़रूरी दस्तावेज़ निवेश सीमा और मासिक आय कैलकुलेशन टैक्स नियम खाता खोलने की प्रक्रिया समय से पहले खाता बंद करने के नियम फायदे और नुकसान (Pros & Cons) आम गलतियां जो बचनी चाहिए ज़रूरी बातें और चेतावनी अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Post Office Monthly Income Scheme (POMIS) क्या है?...
हाल की पोस्ट

Nominee vs Legal Heir — Insurance Policy में क्लेम किसे मिलता है?

Insurance Policy में Nominee और Legal Heir में क्या अंतर है? लेखक: Investurn.in Team |  तारीख: 07 August 2026 यह लेख legal-informational intent को टारगेट करता है  यानी वे पॉलिसीधारक जो यह समझना चाहते हैं कि उनकी insurance पॉलिसी में nominee बनाने का असली कानूनी मतलब क्या है और क्लेम की रकम पर nominee व legal heir में से किसका हक ज्यादा मजबूत माना जाता है। Table of Contents Nominee कौन होता है? Legal Heir कौन होता है? Nominee vs Legal Heir — मुख्य अंतर Nominee का Role Legal Heir का Role Insurance Claim में Nominee की भूमिका 2015 का कानूनी बदलाव — "Beneficial Nominee" की अवधारणा Nominee और Legal Heir के बीच विवाद की स्थिति Nomination Update क्यों जरूरी है Married व्यक्ति को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए Nominee बदलने की सामान्य प्रक्रिया Will और Nomination का संबंध अलग-अलग प्रकार की Insurance Policies में Nomination निष्कर्ष FAQs Insurance पॉलिसी लेते समय ज्यादातर लोग nominee का नाम भरकर इस फॉर्मेलिटी को हल्के में ले लेते हैं  यह सोचकर कि "जिसका ना...

Employer Health Insurance काफी है या अलग Policy लें? पूरी तुलना

Employer का Health Insurance काफी है या अलग Health Insurance Policy लेनी चाहिए? लेखक: Investurn.in Team |  तारीख: 28 जुलाई 2026 Table of Contents Employer Health Insurance क्या है? इसके फायदे इसकी सीमाएं Job Change होने पर क्या होता है? नौकरी छूटने पर Coverage का क्या होता है? Family Coverage और Parents की स्थिति Sum Insured, Waiting Period, Room Rent और Network Hospitals Claim Process में फर्क Employer Insurance vs Personal Health Insurance — तुलना तालिका Personal Policy कब Consider करें? Employer + Personal Policy को साथ कैसे समझें Young Employees के लिए Practical Strategy Married Employees और Family के लिए Strategy निष्कर्ष FAQs अगर आपकी कंपनी पहले से health insurance देती है तो एक सवाल जल्दी या देर से जरूर आता है — "क्या यह काफी है या मुझे अपनी खुद की policy भी लेनी चाहिए?" यह लेख इसी सवाल का सीधा जवाब खोजने के लिए है। न तो employer insurance को पूरी तरह खारिज किया जा सकता है, न ही इसे आंख बंद करके काफी मान लेना सही है असल जवाब आपकी नौकरी की स्थिर...

30 साल की उम्र में कितना Health Insurance Cover लें? ₹3L से ₹25L तक की तुलना

30 साल की उम्र में कितना Health Insurance Cover पर्याप्त है? लेखक: Investurn.in Team | तारीख: 23 जुलाई 2026 Table of Contents 30 साल की उम्र में Health Insurance क्यों जरूरी है? कितना Health Insurance Cover पर्याप्त हो सकता है? ₹3 लाख vs ₹5 लाख vs ₹10 लाख vs ₹15 लाख vs ₹25 लाख Single व्यक्ति के लिए कितना Cover? Married Couple के लिए कितना Cover? Family Floater कब consider करें? Employer Insurance होने पर क्या करें? Base Policy + Super Top-up Strategy Cover चुनते समय 10 महत्वपूर्ण Factors Common Mistakes Practical Examples निष्कर्ष FAQs 30 की उम्र अक्सर वह दौर होती है जब करियर स्थिर होने लगता है शादी हो चुकी होती है या होने वाली होती है और फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर पहली बार गंभीरता से सोचना शुरू होता है। इसी दौर में एक सवाल बार-बार सामने आता है — "मुझे कितने का Health Insurance लेना चाहिए?" इंटरनेट पर हर जगह अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं — कोई ₹5 लाख बताता है, कोई ₹25 लाख की सलाह देता है। (अगर आप insurance की बुनियादी बातों से शुरुआत करना चाहें तो पहले हमारा...

Third Party vs Comprehensive Insurance — कौन सा वाहन बीमा चुनें?

Third Party Insurance और Comprehensive Insurance में क्या अंतर है? लेखक: Investurn.in Team | तारीख: 23 जुलाई 2026 Table of Contents Third Party Insurance क्या है? Comprehensive Insurance क्या है? Third Party vs Comprehensive — मुख्य अंतर (तुलना तालिका) Third Party Insurance के फायदे और नुकसान Comprehensive Insurance के फायदे और नुकसान Third Party Insurance किसे लेना चाहिए? Comprehensive Insurance किसे लेना चाहिए? क्या Comprehensive Insurance में Third Party Cover शामिल होता है? क्या Third Party Insurance में अपने वाहन का नुकसान कवर होता है? Comprehensive Insurance में कौन-कौन से Add-ons लिए जा सकते हैं? Insurance चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें? कौन-सा Insurance बेहतर है? निष्कर्ष FAQ अगर आप Car या Bike Insurance खरीदने जा रहे हैं, तो Third Party और Comprehensive Insurance में से कौन-सा चुनना चाहिए  यह सवाल लगभग हर वाहन मालिक के मन में आता है। दोनों policies कानूनी रूप से मान्य हैं दोनों ही एक हद तक सुरक्षा देती हैं लेकिन coverage, protection और cost के स्तर...

Insurance खरीदते समय होने वाली 15 बड़ी गलतियाँ — जो हर व्यक्ति को पता होनी चाहिए

Insurance लेते समय होने वाली 15 बड़ी गलतियाँ लेखक: Investurn.in Team | तारीख: 23 जुलाई 2026 Table of Contents गलतियां क्यों दोहराई जाती हैं गलती 1  सिर्फ प्रीमियम देखकर फैसला लेना गलती 2 मार्च की भागदौड़ में टैक्स बचाने के लिए पॉलिसी खरीदना गलती 3 एजेंट पर आंख बंद करके भरोसा करना गलती 4  मेडिकल हिस्ट्री या आदतें छुपाना गलती 5  जरूरत से कम कवरेज लेना गलती 6  बिना सोचे-समझे हर राइडर जोड़ लेना गलती 7 नॉमिनी की जानकारी अपडेट न रखना गलती 8  सिर्फ एक कंपनी देखकर फैसला कर लेना गलती 9  Claim Settlement Ratio और रजिस्ट्रेशन चेक न करना गलती 10  इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट को एक समझना गलती 11 पुरानी पॉलिसी बीच में कैंसिल कर देना गलती 12 महंगाई के हिसाब से कवरेज अपडेट न करना गलती 13  Free-Look Period का इस्तेमाल न करना गलती 14  सिर्फ कंपनी की ग्रुप पॉलिसी पर निर्भर रहना गलती 15  नए डिजिटल इंश्योरेंस टूल्स से अनजान रहना निष्कर्ष FAQ गलतियां क्यों दोहराई जाती हैं इंश्योरेंस एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसे लोग साल में शायद एक-दो बार...

Insurance Claim Reject क्यों होता है? Life, Health और Motor Insurance के असली कारण

Insurance Claim Reject क्यों होता है? असली कारण और बचाव के तरीके लेखक: Investurn.in Team | तारीख: 21 जुलाई 2026 Table of Contents Claim Reject होने का मतलब यह नहीं कि पैसा डूब गया Insurance एक Contract है और उसका आधार है "Utmost Good Faith" Life Insurance Claim Reject होने के कारण Health Insurance Claim Reject होने के कारण (एक अलग नज़रिए से) Motor Insurance Claim Reject होने के कारण एक Case जैसा उदाहरण — कैसे एक छोटी सी चूक बड़ा नुकसान बन जाती है Section 45 और पॉलिसीधारक के कानूनी अधिकार Rejection से बचने के लिए Proactive कदम निष्कर्ष FAQ Claim Reject होने का मतलब यह नहीं कि पैसा डूब गया जब कोई इंश्योरेंस क्लेम खारिज होता है, तो पहली प्रतिक्रिया अक्सर गुस्सा या निराशा होती है — यह सोचकर कि सालों प्रीमियम भरने के बाद भी कंपनी ने साथ नहीं दिया। लेकिन असल में ज्यादातर क्लेम रिजेक्शन किसी साज़िश का नतीजा नहीं होते, बल्कि पॉलिसी की शर्तों, दस्तावेज़ों या जानकारी में किसी कमी का नतीजा होते हैं — और इनमें से बहुत से मामलों को समझकर पहले ही रोका जा सकता है। यह लेख...