पुराने बैंक खाते में जमा पैसे कैसे वापस पाएं? RBI UDGAM Portal से पूरी प्रक्रिया
क्या आपका भी कोई पुराना बैंक खाता है जिसमें पैसे पड़े हैं लेकिन आप वर्षों से उसे इस्तेमाल नहीं कर रहे? हो सकता है नौकरी बदलने पर, शहर बदलने पर या किसी परिवारजन के निधन के बाद वह खाता पूरी तरह भुला दिया गया हो।
आप अकेले नहीं हैं। भारत के बैंकों में करोड़ों रुपये ऐसे ही Unclaimed Deposit के रूप में पड़े हुए हैं जिन पर सालों से कोई दावा नहीं किया गया। इस समस्या को हल करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक खास ऑनलाइन सुविधा शुरू की है — RBI UDGAM Portal। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यह पोर्टल क्या है पुराने बैंक खाते का पैसा कैसे खोजें और बैंक अकाउंट का क्लेम किस तरह किया जाता है।
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Unclaimed Deposit क्या होता है?
जब किसी बैंक खाते में लंबे समय तक कोई लेन-देन नहीं होता तो वह खाता धीरे-धीरे निष्क्रिय होता चला जाता है। इसे समझने के लिए तीन शब्द जानना जरूरी है।
Inactive Account (निष्क्रिय खाता): अगर किसी खाते में एक साल तक कोई लेन-देन नहीं होता तो बैंक ग्राहक को SMS, ईमेल या पत्र के जरिए सूचित करता है कि खाता जल्द ही निष्क्रिय घोषित किया जा सकता है।
Dormant Account (Inoperative Account): अगर लगातार दो साल तक खाते में ग्राहक द्वारा कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया जाता तो बैंक उस खाते को Dormant यानी Inoperative Bank Account घोषित कर देता है। ऐसे खाते से डेबिट ट्रांजेक्शन तब तक नहीं हो सकता जब तक खाता दोबारा एक्टिवेट न किया जाए।
10 वर्ष तक दावा न होने पर क्या होता है: अगर किसी बचत खाते, चालू खाते या फिक्स्ड डिपॉज़िट में लगातार 10 साल या उससे ज्यादा समय तक कोई गतिविधि नहीं होती तो वह राशि Unclaimed Deposit मानी जाती है। बैंक इस राशि को RBI के पास एक विशेष फंड में जमा कर देता है।
RBI DEAF Fund क्या है: इसे Depositor Education and Awareness Fund (DEA Fund) कहा जाता है। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 26A और DEA Fund Scheme, 2014 के तहत बैंकों को 10 साल से बिना दावे वाली राशि इस फंड में ट्रांसफर करनी होती है। सबसे जरूरी बात यह है कि यह पैसा कभी जब्त नहीं होता — यह हमेशा ग्राहक या उसके कानूनी वारिस का ही रहता है और उस पर ब्याज भी जुड़ता रहता है।
कब बैंक खाता Inactive और Dormant बन जाता है?
| समय-सीमा | खाते की स्थिति |
|---|---|
| 1 वर्ष तक कोई लेन-देन नहीं | बैंक अलर्ट भेजता है (Inactive होने की चेतावनी) |
| 2 वर्ष तक कोई ग्राहक-आधारित लेन-देन नहीं | Dormant / Inoperative Account घोषित |
| 10 वर्ष तक दावा नहीं | Unclaimed Deposit — राशि RBI के DEA Fund में ट्रांसफर |
ध्यान रहे बैलेंस इन्क्वायरी, KYC अपडेट, चेकबुक रिक्वेस्ट जैसी गतिविधियां भी ग्राहक-आधारित लेन-देन मानी जाती हैं इसलिए इन्हें कभी-कभार करते रहने से खाता Dormant Bank Account बनने से बच सकता है।
RBI UDGAM Portal क्या है?
UDGAM का पूरा नाम है — Unclaimed Deposits-Gateway to Access inforMation। इसे भारतीय रिज़र्व बैंक ने अगस्त 2023 में शुरू किया था ताकि लोग एक ही जगह पर अलग-अलग बैंकों में पड़े अपने Unclaimed Deposit को आसानी से खोज सकें।
उद्देश्य: इस पोर्टल का मकसद है कि आम नागरिकों को अपने या अपने परिवार के पुराने बैंक खाते की जानकारी ढूंढने के लिए हर बैंक की अलग-अलग वेबसाइट पर न जाना पड़े। एक ही सर्च से पता चल जाए कि किस बैंक में पैसा पड़ा है।
कौन-कौन से बैंक जुड़े हैं: फिलहाल इस पोर्टल पर देश के करीब 30 प्रमुख बैंक जुड़े हुए हैं जिनमें भारत के DEA Fund की करीब 90% राशि शामिल है। समय-समय पर RBI इस सूची में और बैंक जोड़ता रहता है।
किन लोगों को फायदा मिलेगा: ऐसे लोग जिनका कोई पुराना बैंक खाता भूल गया है जिनके परिवार के किसी सदस्य का निधन हो चुका है और उनका बैंक खाता पता नहीं या जो नौकरी/शहर बदलने की वजह से पुराना खाता भूल गए हैं — इन सभी के लिए यह पोर्टल बेहद उपयोगी है।
UDGAM Portal पर अपना पैसा कैसे खोजें?
यहां हम UDGAM Portal Registration से लेकर सर्च करने तक की पूरी Step by Step प्रक्रिया बता रहे हैं।
Step 1 – Portal खोलें: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट udgam.rbi.org.in खोलें।
Step 2 – रजिस्ट्रेशन करें और मोबाइल नंबर से लॉगिन करें: पहली बार इस्तेमाल करने पर "Register" पर क्लिक करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालें कैप्चा भरें और डिस्क्लेमर स्वीकार करें। मोबाइल पर आए OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद उसी मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।
Step 3 – PAN / Name / Bank Name डालें: लॉगिन के बाद खाता धारक का नाम और बैंक का नाम चुनें। साथ ही पहचान के लिए PAN, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट नंबर या जन्मतिथि में से कोई एक जानकारी डालें।
Step 4 – Search करें: सारी जानकारी सही भरने के बाद "Search" बटन दबाएं।
Step 5 – Result देखें: अगर आपका कोई Unclaimed Deposit मौजूद है, तो नतीजों में खाता धारक का नाम, स्थान, बैंक का नाम और Unclaimed Deposit Reference Number (UDRN) दिखेगा। ध्यान दें कि UDGAM Portal सिर्फ जानकारी दिखाता है यह खुद पैसा ट्रांसफर नहीं करता।
अगर पैसा मिल जाए तो वापस कैसे लें?
UDGAM Portal पर सिर्फ जानकारी मिलती है। असली RBI Claim Process के लिए आपको संबंधित बैंक से खुद संपर्क करना होगा।
- बैंक जाएं: जिस बैंक में अकाउंट मिला है उसकी नज़दीकी शाखा में जाएं। सर्च रिजल्ट में बैंक के नाम पर क्लिक करने से उस बैंक के क्लेम पेज की जानकारी भी मिल जाती है।
- KYC करें: आधार कार्ड, PAN कार्ड, पुरानी पासबुक (अगर उपलब्ध हो) और कोई एक पहचान पत्र साथ ले जाएं।
- Claim Form भरें: बैंक द्वारा दिया गया क्लेम फॉर्म भरें और UDRN नंबर उसमें दर्ज करें।
- Verification: बैंक आपके दस्तावेज़ों और पहचान की पुष्टि करेगा।
- पैसा Account में Transfer: वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद राशि ब्याज सहित आपके मौजूदा खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी?
| दावेदार | जरूरी दस्तावेज़ |
|---|---|
| खुद खाता धारक | आधार कार्ड, PAN कार्ड, पासबुक/पुराना स्टेटमेंट, पता प्रमाण |
| नॉमिनी | पहचान प्रमाण, मृत्यु प्रमाण पत्र, नॉमिनेशन का प्रमाण |
| कानूनी वारिस (Legal Heir) | मृत्यु प्रमाण पत्र, Legal Heir Certificate या Succession Certificate, रिश्ते का प्रमाण |
अगर Account Holder की मृत्यु हो चुकी हो तो?
कई बार परिवार के किसी सदस्य के निधन के बाद उसका बैंक खाता भुला दिया जाता है। ऐसे मामलों में क्लेम प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है।
Nominee के जरिए क्लेम: अगर खाते में नॉमिनी दर्ज है तो नॉमिनी सिर्फ मृत्यु प्रमाण पत्र और अपनी पहचान दिखाकर अपेक्षाकृत आसानी से पैसा क्लेम कर सकता है।
Legal Heir के जरिए क्लेम: अगर कोई नॉमिनी दर्ज नहीं है तो कानूनी वारिस को Death Certificate, Legal Heir Certificate (तहसील/SDM कार्यालय से जारी) या अदालत से मिला Succession Certificate जमा करना पड़ता है। राशि अधिक होने पर बैंक Succession Certificate की मांग कर सकता है।
किन बैंकों की जानकारी UDGAM Portal पर मिलती है?
फिलहाल पोर्टल पर देश के लगभग 30 बड़े बैंकों — जिनमें सरकारी, निजी और कुछ विदेशी बैंक शामिल हैं — का डेटा उपलब्ध है। RBI समय-समय पर नए बैंकों को इस सूची में जोड़ता रहता है ताकि आने वाले समय में और भी बैंकों की जानकारी एक ही जगह मिल सके।
RBI के अनुसार महत्वपूर्ण बातें
- Unclaimed Deposit के रूप में पड़ा पैसा कभी जब्त नहीं होता — यह हमेशा खाता धारक या उसके कानूनी वारिस का ही रहता है।
- इस पैसे को किसी भी समय क्लेम किया जा सकता है, इसके लिए कोई समय-सीमा तय नहीं है।
- क्लेम से पहले बैंक द्वारा पूरी KYC वेरिफिकेशन जरूरी है।
- DEA Fund में जमा राशि पर ब्याज भी जुड़ता रहता है, जो क्लेम के समय ग्राहक को दिया जाता है।
किन गलतियों से बचें?
- किसी को भी अपना OTP, नेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड डिटेल्स न बताएं।
- "पैसा वापस दिलाने" का दावा करने वाले एजेंट या रिकवरी सर्विस के झांसे में न पड़ें — UDGAM Portal पूरी तरह मुफ्त है।
- हमेशा केवल आधिकारिक वेबसाइट udgam.rbi.org.in का ही उपयोग करें, मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी साइटों से सावधान रहें।
- फोन पर आने वाली फेक कॉल्स से सतर्क रहें, जो खुद को बैंक या RBI अधिकारी बताकर जानकारी मांगती हैं।
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FAQs
1. क्या 10 साल बाद पैसा खत्म हो जाता है?
नहीं पैसा कभी खत्म नहीं होता। 10 साल बाद इसे सिर्फ RBI के DEA Fund में ट्रांसफर किया जाता है जहां यह ब्याज सहित सुरक्षित रहता है।
2. क्या Online Claim कर सकते हैं?
UDGAM Portal सिर्फ जानकारी खोजने के लिए है। असली क्लेम प्रोसेस के लिए संबंधित बैंक शाखा में जाना जरूरी है।
3. क्या Nominee पैसा ले सकता है?
हां अगर खाते में नॉमिनी दर्ज है तो वह मृत्यु प्रमाण पत्र और अपनी पहचान दिखाकर क्लेम कर सकता है।
4. क्या Interest मिलेगा?
हां DEA Fund में जमा राशि पर ब्याज जुड़ता रहता है और क्लेम के समय यह ब्याज सहित वापस मिलता है।
5. क्या सभी बैंक UDGAM Portal से जुड़े हैं?
फिलहाल लगभग 30 प्रमुख बैंक जुड़े हैं। RBI धीरे-धीरे और बैंकों को इस सूची में जोड़ रहा है।
6. Inactive और Dormant Account में क्या अंतर है?
1 साल तक लेन-देन न होने पर खाता Inactive होने की चेतावनी मिलती है, जबकि 2 साल तक कोई ग्राहक-आधारित लेन-देन न होने पर खाता Dormant/Inoperative घोषित हो जाता है।
7. क्या Joint Account का पैसा मिल सकता है?
हां लेकिन क्लेम के समय सभी संयुक्त खाता धारकों (या उनके कानूनी वारिसों) की सहमति और दस्तावेज़ जरूरी हो सकते हैं।
8. KYC जरूरी है?
हां क्लेम प्रक्रिया पूरी करने के लिए ताज़ा KYC वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
9. क्या बिना पासबुक के पैसा मिलेगा?
पासबुक न होने पर भी आधार, PAN और अन्य पहचान दस्तावेज़ों के आधार पर बैंक क्लेम प्रोसेस कर सकता है हालांकि इसमें थोड़ा अतिरिक्त सत्यापन लग सकता है।
10. Claim में कितना समय लगता है?
यह बैंक और दस्तावेज़ों की पूर्णता पर निर्भर करता है आमतौर पर सही दस्तावेज़ होने पर कुछ हफ्तों में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
निष्कर्ष
अगर आपका भी कोई पुराना बैंक खाता है जो सालों से इस्तेमाल में नहीं आया या आपके परिवार के किसी सदस्य का बैंक खाता निष्क्रिय पड़ा है तो देर न करें। आज ही RBI UDGAM Portal पर जाकर जांच लें कि कहीं आपका पैसा भी बैंक में भूला तो नहीं रह गया। सही जानकारी मिलने पर नज़दीकी बैंक शाखा से संपर्क करें और जरूरी दस्तावेज़ों के साथ अपना बैंक अकाउंट का क्लेम पूरा करें। याद रखें यह पैसा हमेशा आपका ही रहता है — बस समय पर सही कदम उठाने की जरूरत है।
बैंक अकाउंट सेफ रखने के 10 जरूरी टिप्स – फ्रॉड से बचने का तरीका
Suggested External Links (Official):
- RBI UDGAM Portal – https://udgam.rbi.org.in
- RBI Official Website – https://www.rbi.org.in
- RBI Complaint Management System (CMS) – https://cms.rbi.org.in

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