यह लेख 22 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी—GST Council, CBIC, GST Portal (GSTN) और PIB—के आधार पर तैयार किया गया है। GST में समय-समय पर टैक्स दरों, रिटर्न फाइलिंग, e-invoice, e-way bill, ITC और रिफंड जैसी प्रक्रियाओं में बदलाव होते रहते हैं। कुछ बदलाव तुरंत लागू हो जाते हैं, कुछ सिर्फ GST Council की recommendation होते हैं जिन्हें कानूनी रूप लेने में समय लगता है, और कुछ अभी सिर्फ प्रस्ताव के स्तर पर होते हैं।
इस article में हम सिर्फ वही updates दे रहे हैं जो आधिकारिक स्रोतों से verify हो सके हैं, और हर update के आगे साफ बताया गया है कि वह पूरी तरह लागू हो चुका है, सिर्फ recommend हुआ है, या अभी विचाराधीन है।
GST Latest Updates Today — एक नज़र में
| Update | क्या बदला? | किस पर असर? | Status |
|---|---|---|---|
| GST Registration में Biometric Aadhaar | Delhi High Court ने अंतरिम आदेश में हर नए GST registration के लिए biometric Aadhaar authentication अनिवार्य करने को कहा | नए GST registration आवेदक | 🟡 अदालती अंतरिम आदेश (मामला अदालत में विचाराधीन) |
| 57वीं GST Council Meeting | ITC, registration और refund से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित | सभी टैक्सपेयर | 🔵 प्रस्तावित/आगामी (7 अक्टूबर 2026) |
| GSTAT पूरी तरह चालू | Tribunal में सुनवाई शुरू; पुराने मामलों की backlog-appeal समयसीमा निकल चुकी | GST विवाद वाले टैक्सपेयर | 🟢 लागू |
| Exporters के लिए 90% Provisional Refund | कम-जोखिम वाले zero-rated (export) refund claims का 90% जल्दी मिलेगा | Exporters, MSME | 🟢 लागू (1 अक्टूबर 2025 से) |
| GST रिटर्न की 3-साल समय-सीमा | तय तारीख से 3 साल से पुराने रिटर्न अब हमेशा के लिए फाइल नहीं हो सकते | सभी रजिस्टर्ड टैक्सपेयर | 🟢 लागू (चरणबद्ध/rolling restriction) |
| Invoice Management System (IMS) | ITC reversal की राशि खुद बताने की सुविधा, "Pending" रखने का विकल्प, Import of Goods सेक्शन जुड़ा | ITC क्लेम करने वाले सभी बिज़नेस | 🟢 लागू (अक्टूबर 2025 से) |
| E-Way Bill में नए फीचर | "Ship To GSTIN" अनिवार्य फील्ड और Voluntary Closure सुविधा | ट्रांसपोर्टर, माल भेजने वाले बिज़नेस | 🟢 लागू (1 अगस्त 2026 से) |
| तंबाकू-पान मसाला पर नई दरें | Compensation Cess हटाकर 40% GST + नया Health & National Security Cess/Excise Duty | तंबाकू-पान मसाला उद्योग | 🟢 लागू (1 फरवरी 2026 से) |
आज के सबसे महत्वपूर्ण GST बदलाव
Update 1 — GST Registration के लिए Biometric Aadhaar Authentication (Delhi High Court का आदेश)
क्या बदला? दिल्ली हाईकोर्ट (Justice Anil Khetarpal और Justice Shail Jain की बेंच) ने Neha vs Union of India [W.P.(C) 12210/2026] मामले में 8 सितंबर 2026 को एक अंतरिम आदेश में देश भर के GST authorities को निर्देश दिया कि अब बिना biometric-based Aadhaar authentication के कोई भी नया GST registration न दिया जाए।
अभी तक का नियम क्या था? CGST Rules, 2017 के Rule 8 के तहत, biometric Aadhaar authentication सिर्फ उन्हीं applications के लिए अनिवार्य था जिन्हें system का risk-analytics engine "high-risk" के रूप में flag करता था। बाकी applications सिर्फ scanned documents और OTP-आधारित verification से आगे बढ़ जाती थीं।
क्यों आया यह आदेश? अदालत के सामने कई मामले आए जहाँ लोगों के PAN और Aadhaar की चोरी करके फर्जी GST registration ले ली गई थी, जिससे बेगुनाह लोगों को नोटिस और टैक्स देनदारी झेलनी पड़ी।
किस पर लागू, किस पर नहीं: यह आदेश नए GST registration आवेदकों पर लागू है। मौजूदा registration धारकों पर इसका सीधा असर नहीं है।
Taxpayer को क्या करना चाहिए? नया GST registration लेने की योजना बना रहे व्यक्ति या बिज़नेस को अभी से मान लेना चाहिए कि biometric Aadhaar verification (GST Suvidha Kendra पर जाकर) की जरूरत पड़ सकती है, भले ही उनकी application "risk-flagged" न हो।
जरूरी स्पष्टता: यह कोई नई CBIC/GSTN notification नहीं, बल्कि अदालत का अंतरिम आदेश है—यानी मामला अभी अदालत में चल रहा है (sub judice)। सरकार को इसके व्यावहारिक कठिनाइयाँ अदालत के सामने रखने की छूट दी गई है। इसी मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को है—यानी इसी तारीख को, जिस दिन यह article लिखा गया। आगे स्थिति और स्पष्ट हो सकती है, इसलिए ताज़ा जानकारी के लिए GST Portal या समाचार स्रोत जरूर देखें।
Official source: Delhi High Court आदेश, Neha vs Union of India, W.P.(C) 12210/2026
Update 2 — 57वीं GST Council Meeting: 7 अक्टूबर 2026 को होगी
क्या बदला? 57वीं GST Council Meeting पहले 12 सितंबर 2026 को प्रस्तावित थी, लेकिन नई दिल्ली में BRICS Leaders' Summit (12-13 सितंबर) के साथ तारीख टकराने के कारण इसे टालकर 7 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है (Officers' Meeting 5-6 अक्टूबर को)। यह बदलाव GST Council Secretariat के Office Memorandum (F.No. 1392/57th GSTCM/GSTC/2026, दिनांक 6 सितंबर 2026) से हुआ।
किस पर लागू? यह बैठक अभी हुई नहीं है, इसलिए इसमें कोई फैसला अभी तक नहीं लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, agenda में ये विषय शामिल हो सकते हैं—एक ही कॉर्पोरेट ग्रुप की कंपनियों के बीच बिना इस्तेमाल हुए ITC ट्रांसफर की अनुमति, इंट्रा-ग्रुप corporate guarantee को GST से छूट, बड़े बिज़नेस के लिए registration प्रक्रिया को सरल बनाना, और रिफंड/मुकदमेबाज़ी से जुड़े लंबित मुद्दे।
जरूरी स्पष्टता: ऊपर बताए गए सभी विषय अभी सिर्फ संभावित एजेंडा हैं—🔵 प्रस्ताव/चर्चा के स्तर पर। जब तक GST Council बैठक के बाद कोई recommendation जारी नहीं करती और उस पर संबंधित notification नहीं आती, तब तक इन्हें नया नियम मानकर कोई कदम न उठाएँ।
Official source: GST Council Secretariat Office Memorandum, 6 सितंबर 2026
Update 3 — GST Appellate Tribunal (GSTAT) अब पूरी तरह चालू
क्या बदला? GST लागू होने के लगभग 8 साल बाद, GST Appellate Tribunal (GSTAT) अब पूरी तरह से काम कर रहा है। इसका e-filing पोर्टल 24 सितंबर 2025 से चालू हुआ, और नई दिल्ली की Principal Bench तथा देशभर के State Benches में सुनवाई 16 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है।
पुराने (backlog) मामलों की समयसीमा क्या रही? 1 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2026 के बीच पारित First Appellate/Revisional Authority के आदेशों के खिलाफ GSTAT में अपील करने की समयसीमा शुरू में 30 जून 2026 तय की गई थी (Notification S.O. 4220(E), दिनांक 17 सितंबर 2025)। पोर्टल पर भीड़ की वजह से इसे एक महीने बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दिया गया।
किस पर लागू, किस पर नहीं: यह समयसीमा सिर्फ पुराने (backlog) मामलों के लिए थी, जिनकी अवधि अब निकल चुकी है (22 सितंबर 2026 तक)। नए मामलों के लिए CGST Act की Section 112 के तहत सामान्य समयसीमा (पहले अपीलीय आदेश के 3 महीने के भीतर, अधिकतम 3 महीने की देरी माफ हो सकती है) लागू होती रहेगी।
Taxpayer को क्या करना चाहिए? अगर आपका कोई पुराना GST विवाद पहली अपील के बाद अटका हुआ था, तो अब उसे GSTAT में आगे बढ़ाने का रास्ता खुल चुका है—लेकिन backlog वाली विशेष खिड़की बंद हो चुकी है, इसलिए नए मामलों की सामान्य समयसीमा का ध्यान रखें।
Official source: CBIC/GSTAT Notifications, Ministry of Finance प्रेस विज्ञप्तियाँ
Update 4 — Exporters के लिए 90% Provisional Refund (Risk-Based)
क्या बदला? 56वीं GST Council Meeting (3 सितंबर 2025) की सिफारिश पर, CGST Rules के Rule 91(2) में संशोधन करके यह व्यवस्था की गई है कि system जिन zero-rated (export) refund claims को "low-risk" मानता है, उनका 90% हिस्सा बिना विस्तृत जाँच के provisional आधार पर तुरंत जारी किया जा सकता है।
कब से लागू? Notification No. 13/2025-Central Tax (दिनांक 17.09.2025) के जरिए यह 1 अक्टूबर 2025 से लागू है — यानी 1 अक्टूबर 2025 या उसके बाद दाखिल सभी refund applications पर यह व्यवस्था लागू होती है। साथ ही Notification No. 14/2025-Central Tax के तहत कुछ श्रेणी के registered persons को इस provisional refund से बाहर रखा गया है।
किस पर लागू नहीं: जिन मामलों में पहले के किसी refund claim पर अपील लंबित है, या show cause notice जारी हो चुका है, या मामला अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है, वहाँ provisional refund नहीं मिलेगा।
Taxpayer को क्या करना चाहिए? Exporters और खासकर MSME, जिनका बड़ा हिस्सा working capital refund में अटका रहता है, इस बदलाव से तेज़ी से पैसा वापस पा सकते हैं—बशर्ते उनका refund application ठीक से भरा हो और पुराना कोई विवाद लंबित न हो।
GST Council ने Inverted Duty Structure (उलटा शुल्क ढांचा) से जुड़े refunds पर भी ऐसी ही 90% provisional सुविधा देने की सिफारिश की थी, लेकिन इसके लिए CGST Act की Section 54(6) में संशोधन जरूरी है, जो आने वाले Finance Act और संबंधित State amendments से होगा। यह हिस्सा अभी 🟡 सिफारिश के स्तर पर है, zero-rated supplies जितना पूरी तरह लागू नहीं।
Official source: CBIC Instruction No. 06/2025-GST; Notification No. 13/2025 व 14/2025-Central Tax
Update 5 — GST रिटर्न की 3-साल की समय-सीमा (Time-Bar)
क्या बदला? Finance Act, 2023 (CGST Act की Sections 37, 39, 44, 52 में संशोधन) के तहत, अब कोई भी टैक्सपेयर अपनी GSTR-1, GSTR-3B, GSTR-4, GSTR-9/9C जैसी रिटर्न उसकी मूल due date से 3 साल बीत जाने के बाद कभी फाइल नहीं कर सकता—पोर्टल हमेशा के लिए उसे ब्लॉक कर देता है।
कब से लागू? यह प्रावधान Notification No. 28/2023-Central Tax (दिनांक 31 जुलाई 2023, 1 अक्टूबर 2023 से प्रभावी) से कानूनी रूप ले चुका था, लेकिन GSTN ने इसे पोर्टल पर चरणबद्ध तरीके से 2025 के दौरान सख्ती से लागू किया—जैसे अक्टूबर 2022 के मासिक रिटर्न, FY 2021-22 के GSTR-4, और FY 2020-21 के GSTR-9/9C, 1 दिसंबर 2025 के बाद से पूरी तरह ब्लॉक कर दिए गए। यह एक rolling restriction है—यानी हर महीने अलग-अलग रिटर्न इस 3-साल की सीमा में आकर स्थायी रूप से ब्लॉक होते जाते हैं।
किस पर लागू: लगभग सभी नियमित रिटर्न फाइल करने वाले टैक्सपेयर—regular dealers, composition dealers, e-commerce operators, TDS deductors सभी इसके दायरे में आते हैं।
ध्यान दें: रिटर्न फाइल न कर पाने से टैक्स की देनदारी खत्म नहीं होती—सिर्फ स्वयं फाइल करने का विकल्प बंद हो जाता है; बकाया टैक्स, ब्याज और penalty विभाग द्वारा वसूला जा सकता है।
Taxpayer को क्या करना चाहिए? अगर कोई पुराना रिटर्न अभी तक pending है, तो उसकी due date जांचकर तुरंत फाइल कर लें—देरी होने पर वह अवसर हमेशा के लिए चला जाता है।
Official source: Notification No. 28/2023-Central Tax; GSTN Advisories, 2025
Update 6 — Invoice Management System (IMS) में बदलाव
क्या बदला? अक्टूबर 2024 में शुरू हुए IMS (जिसमें खरीदार अपने suppliers की invoices को Accept/Reject/Pending कर सकते हैं) में अक्टूबर 2025 से कुछ अहम सुविधाएँ जोड़ी गई हैं:
- Credit note या downward amendment को एक tax period के लिए "Pending" रखने का विकल्प
- ITC reversal की सही राशि खुद declare करने की सुविधा (अगर ITC लिया ही नहीं गया था, तो reversal जरूरी नहीं)
- Reject/Pending करते समय remark जोड़ने की सुविधा, जो supplier को भी दिखती है
- "Import of Goods" सेक्शन—अब Bill of Entry (SEZ imports सहित) भी IMS में दिखते हैं और उन पर कार्रवाई की जा सकती है
किस पर लागू: वे सभी taxpayers जो GSTR-2B के जरिए ITC क्लेम करते हैं।
ध्यान रखने की बात: जुलाई 2025 के tax period से GSTR-3B के Table 3 (outward supply liability) की auto-populated values को "hard-lock" कर दिया गया है—यानी ये GSTR-1/1A/IFF से जो आता है, उसे मैन्युअली बदला नहीं जा सकता। इसलिए GSTR-1 भरते समय ही सावधानी जरूरी हो गई है।
Taxpayer को क्या करना चाहिए? हर महीने GSTR-3B भरने से पहले IMS dashboard जरूर चेक करें। अगर किसी invoice पर कोई कार्रवाई (Accept/Reject/Pending) नहीं की जाती, तो वह अपने-आप "deemed accepted" मानकर GSTR-2B में शामिल हो जाती है।
Official source: GSTN Advisories, अक्टूबर 2025
Update 7 — E-Way Bill: "Ship To GSTIN" और Voluntary Closure
क्या बदला? Bill-to-Ship-to लेन-देन के लिए एक नया अनिवार्य "Ship To GSTIN" फील्ड, और e-way bill को स्वेच्छा से बंद (voluntarily close) करने की एक नई सुविधा।
कब से लागू? यह पहले 15 जून 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन उद्योग जगत की माँग पर (ERP/API तैयारियों के लिए समय चाहिए था) इसे टालकर 1 अगस्त 2026 कर दिया गया।
किस पर लागू: जो बिज़नेस Bill-to-Ship-to मॉडल में माल भेजते हैं, यानी माल का बिल एक पार्टी को बनता है लेकिन डिलीवरी किसी और पते/GSTIN पर होती है।
Taxpayer को क्या करना चाहिए? अपने ERP/बिलिंग सॉफ्टवेयर में यह सुनिश्चित करें कि Ship To GSTIN फील्ड सही तरीके से भरा जा रहा है, वरना e-way bill जनरेट होने में दिक्कत आ सकती है।
Official source: GST Portal (gst.gov.in) की advisories
Update 8 — तंबाकू और पान मसाला पर नई दरें (GST 2.0 का हिस्सा)
क्या बदला? ज्यादातर वस्तुओं पर GST की नई सरल दरें (5%/18%/40%) 22 सितंबर 2025 से ही लागू हो चुकी थीं (56वीं GST Council Meeting, 3 सितंबर 2025 की सिफारिश पर)। लेकिन तंबाकू, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट जैसे उत्पादों पर पुराना ढांचा (28% GST + Compensation Cess) राज्यों को दिए गए कोविड-काल के कर्ज की अदायगी पूरी होने तक जारी रखा गया था।
कब से लागू? यह ट्रांज़िशन 1 फरवरी 2026 से हुआ—Compensation Cess को "Nil" कर दिया गया, और इसकी जगह इन उत्पादों पर 40% GST (बीड़ी को छोड़कर, जो 18% पर आई) लागू हुआ, साथ ही पान मसाला पर नया Health & National Security Cess और तंबाकू उत्पादों पर बढ़ी हुई Central Excise Duty जोड़ी गई।
किस पर लागू: सिगरेट, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू, ज़र्दा, पान मसाला जैसे उत्पाद बनाने और बेचने वाले व्यवसाय। बीड़ी पर सिर्फ 18% GST लागू है, पुरानी 28% वाली दर से कम।
Official source: Ministry of Finance/CBIC notifications, दिसंबर 2025-जनवरी 2026
GST Rate Changes — 2025-26 का सबसे बड़ा ढांचागत बदलाव
56वीं GST Council Meeting (3 सितंबर 2025) की सबसे बड़ी सिफारिश थी—पुराने चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर मुख्यतः दो स्लैब (5% और 18%) करना, और luxury/sin goods के लिए एक अलग 40% की विशेष दर बनाना जो पुरानी 28%+Cess वाली व्यवस्था की जगह लेती है। यह 22 सितंबर 2025 से लागू हो चुका है।
| विषय | पहले (22 सितंबर 2025 से पहले) | अब | लागू होने की तारीख |
|---|---|---|---|
| GST स्लैब ढांचा | 4 मुख्य स्लैब: 5%, 12%, 18%, 28% (+ कुछ पर Cess) | मुख्यतः 2 स्लैब: 5% और 18%; sin/luxury goods पर विशेष 40% | 22 सितंबर 2025 |
| छोटी कारें, 350cc तक की मोटरसाइकिल, साइकिल, कृषि मशीनरी और कई उपभोक्ता वस्तुएं | ऊँची दर (मुख्यतः 28% या 18%) | घटाकर 5-18% के दायरे में | 22 सितंबर 2025 |
| ज्यादातर दवाइयाँ (medicines) | अलग-अलग दरें | रियायती 5% | 22 सितंबर 2025 |
| तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, सिगरेट | 28% GST + Compensation Cess (ad-valorem) | 40% GST + नया Health/Excise Cess (Compensation Cess समाप्त) | 1 फरवरी 2026 |
| बीड़ी | 28% | 18% | 1 फरवरी 2026 |
ऊपर दी गई तालिका बड़ी दिशा दिखाने के लिए है। किसी खास वस्तु या HSN कोड पर लागू सटीक दर के लिए हमेशा संबंधित CBIC rate notification या GST Portal की Rate Finder सुविधा देखें, क्योंकि अलग-अलग categories में अपवाद हो सकते हैं।
आम ग्राहक, Business और MSME पर असर
आम ग्राहक के लिए
जिन रोज़मर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की दर 12%/28% से घटकर 5%/18% हुई है, वहाँ दुकानदार/कंपनी को नई, कम दर पर ही invoice बनाना चाहिए। अगर किसी वस्तु की कीमत में कमी की उम्मीद के बावजूद बदलाव नहीं दिख रहा, तो invoice पर लगी GST दर जरूर जांचें—MRP और GST की दर, दोनों अलग चीज़ें हैं, और अंतिम कीमत विक्रेता की अपनी मूल्य-निर्धारण नीति पर भी निर्भर करती है।
Business के लिए
Billing/accounting सॉफ्टवेयर में rate master अपडेट रखें, GSTR-3B के Table 3 की hard-locked values को GSTR-1 भरते समय ही सही करें, IMS dashboard नियमित देखें, और 3-साल की समय-सीमा के भीतर सारी पुरानी pending रिटर्न फाइल कर लें।
MSME के लिए
Risk-based 90% provisional refund (Update 4) खासकर उन छोटे निर्यातकों के लिए राहत की बात है जिनका कार्यशील पूँजी (working capital) पहले महीनों तक refund में अटका रहता था। साथ ही, GST दरों के सरलीकरण से classification को लेकर होने वाले विवाद भी कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है। आगामी 57वीं Council Meeting में registration प्रक्रिया को और सरल बनाने पर भी चर्चा प्रस्तावित है, हालाँकि यह अभी फैसला नहीं है।
क्या आम आदमी को GST में कोई राहत मिली?
हाँ—56वीं GST Council Meeting की सिफारिश पर लागू हुए बदलाव (22 सितंबर 2025) में छोटी कारों, 350cc तक की मोटरसाइकिल, साइकिल, कृषि मशीनरी, ज्यादातर दवाइयों और कई अन्य रोज़मर्रा की वस्तुओं पर टैक्स दर घटाई गई है, जिसका सीधा मकसद आम उपभोक्ता, किसान, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को राहत देना बताया गया था। इसके साथ ही, luxury और "sin goods" (तंबाकू, पान मसाला जैसे उत्पाद) पर दर बढ़ाकर 40% कर दी गई है।
पुराने और नए नियम का अंतर — सार तालिका
| विषय | पहले | अब | लागू तारीख |
|---|---|---|---|
| पुराना GST रिटर्न फाइल करना | देरी से भी, penalty/ब्याज देकर, कभी भी फाइल हो सकता था | due date के 3 साल बाद पोर्टल हमेशा के लिए ब्लॉक कर देता है | चरणबद्ध, 2025 से जारी |
| Zero-rated export refund | पूरी विस्तृत जाँच के बाद ही भुगतान | Low-risk मामलों में 90% तुरंत provisional refund | 1 अक्टूबर 2025 |
| GST registration में biometric Aadhaar | सिर्फ "high-risk" flag की गई applications के लिए | Delhi High Court के अंतरिम आदेश अनुसार सभी नई applications के लिए (मामला अदालत में विचाराधीन) | 8 सितंबर 2026 (अंतरिम) |
| GST विवादों की दूसरी अपील | GSTAT न होने से High Court जाना पड़ता था | GSTAT में सीधे अपील संभव | सितंबर 2025 (portal), फरवरी 2026 (सुनवाई) |
| तंबाकू/पान मसाला पर टैक्स ढांचा | 28% GST + Compensation Cess | 40% GST + नया Health/Excise Cess | 1 फरवरी 2026 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. GST में latest बदलाव क्या हुआ है?
सबसे ताज़ा और सबसे चर्चित मुद्दा GST registration में biometric Aadhaar authentication को लेकर Delhi High Court का अंतरिम आदेश है (8 सितंबर 2026), जिसकी अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को है। इसके अलावा GSTAT का पूरी तरह चालू होना और exporters के लिए 90% provisional refund भी हाल के बड़े बदलाव हैं।
2. GST 2.0 के तहत नई दरें कब से लागू हुईं?
ज्यादातर वस्तुओं पर नई सरल दरें (5%/18%/40%) 22 सितंबर 2025 से लागू हैं। तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पादों का ट्रांज़िशन बाद में, 1 फरवरी 2026 से हुआ।
3. GST Council की recommendation और notification में क्या अंतर है?
Recommendation सिर्फ GST Council की सिफारिश होती है, जिसे कानूनी रूप लेने के लिए संबंधित CBIC notification या Finance Act में संशोधन जरूरी होता है। जब तक notification जारी नहीं होती, recommendation को अंतिम नियम मानकर कोई कदम नहीं उठाना चाहिए।
4. GST rate change का आम ग्राहक पर क्या असर होगा?
जिन वस्तुओं की दर घटी है (जैसे कई उपभोक्ता वस्तुएं, दवाइयाँ, छोटी कारें), वहाँ अंतिम कीमत कम होने की गुंजाइश बनती है। जिन पर दर बढ़ी है (जैसे तंबाकू उत्पाद), वहाँ कीमत बढ़ सकती है।
5. क्या GST return filing में कोई नया बदलाव हुआ है?
हाँ—तीन बड़े बदलाव हैं: 3-साल की समय-सीमा (उससे पुराने रिटर्न फाइल नहीं हो सकते), GSTR-3B के Table 3 की values का hard-locking, और IMS में ITC reversal declare करने की नई सुविधा।
6. क्या e-invoice के नियम बदले हैं?
मूल टर्नओवर सीमा (₹5 करोड़) 2026 में भी वही है। ₹10 करोड़ या उससे ज्यादा टर्नओवर वाले बिज़नेस के लिए, invoice को IRP पर 30 दिन के भीतर रिपोर्ट करना अनिवार्य है (1 अप्रैल 2025 से लागू, कोई राहत घोषित नहीं हुई)।
7. क्या e-way bill के नियमों में कोई हालिया अपडेट है?
हाँ, Bill-to-Ship-to लेन-देन के लिए "Ship To GSTIN" अनिवार्य फील्ड और e-way bill की Voluntary Closure सुविधा 1 अगस्त 2026 से लागू है।
8. GST registration के लिए अब biometric Aadhaar जरूरी है क्या?
आधिकारिक रूप से notified नियम (Rule 8) अब भी सिर्फ "high-risk" applications के लिए ही biometric authentication मांगता है। लेकिन Delhi High Court के एक अंतरिम आदेश ने सभी नए registration के लिए इसे जरूरी बताया है, और यह मामला अभी अदालत में है।
9. GSTAT में अपील कैसे और कब तक फाइल कर सकते हैं?
GSTAT का e-filing पोर्टल चालू है। पुराने (backlog) मामलों की विशेष समयसीमा 31 जुलाई 2026 को समाप्त हो चुकी है; नए मामलों में CGST Act की Section 112 के तहत सामान्य समयसीमा (पहले अपीलीय आदेश के 3 महीने के भीतर) लागू होती है।
10. Exporters को refund कितनी जल्दी मिलेगा?
1 अक्टूबर 2025 से, system द्वारा "low-risk" चिह्नित zero-rated (export) refund claims का 90% हिस्सा बिना विस्तृत जाँच के provisional आधार पर तुरंत जारी हो सकता है।
11. GST में अगला बड़ा बदलाव कब लागू होगा?
57वीं GST Council Meeting 7 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। इसमें ITC ट्रांसफर, registration सरलीकरण और refund से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन बैठक अभी हुई नहीं है, इसलिए कोई फैसला अभी मौजूद नहीं है।
12. पुराने GST रिटर्न अब क्यों फाइल नहीं हो पा रहे?
Finance Act, 2023 के प्रावधान और Notification No. 28/2023-Central Tax के तहत, किसी भी रिटर्न की मूल due date से 3 साल बीत जाने पर GST पोर्टल उसे हमेशा के लिए फाइल करने से रोक देता है। यह प्रतिबंध 2025 से चरणबद्ध तरीके से हर महीने लागू हो रहा है।
Official Sources
- GST Council — 56वीं GST Council Meeting प्रेस विज्ञप्ति (3 सितंबर 2025); Office Memorandum, 57वीं Meeting पुनर्निर्धारण (6 सितंबर 2026)
- CBIC / GST Portal — Notification No. 28/2023-Central Tax; Notification No. 13/2025 व 14/2025-Central Tax; CGST Instruction No. 06/2025-GST; GST Portal News & Updates
- GSTAT — Notification S.O. 4220(E) dated 17.09.2025; Finance Ministry की backlog-appeal समयसीमा विस्तार से जुड़ी विज्ञप्तियाँ
- Delhi High Court — Neha vs Union of India, W.P.(C) 12210/2026 (आदेश दिनांक 8 सितंबर 2026)
- Ministry of Finance / PIB — तंबाकू-पान मसाला पर नई दरों से जुड़ी दिसंबर 2025-जनवरी 2026 की अधिसूचनाएँ
नोट: यह article सामान्य जानकारी के लिए है, व्यक्तिगत टैक्स सलाह नहीं। GST कानून और उसकी व्याख्या राज्य/परिस्थिति के अनुसार बदल सकती है—अपने विशेष मामले के लिए GST प्रैक्टिशनर या Chartered Accountant से सलाह लें, और कोई भी फैसला लेने से पहले संबंधित नियम की मौजूदा स्थिति gst.gov.in, cbic-gst.gov.in या gstcouncil.gov.in पर जरूर जाँच लें।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें